बुधवार, 14 जनवरी 2015

देवज्योतिषालय वड़ोदरा में १९४९ में ले आये थे !!

देवज्योतिषालय  deojyotishalaya.comवड़ोदरा में १९४९ में ले आये थे !! एक बात अचूक वो कहते थे !! आनंद में रहो !! यही बात का आधार रखके भूमा विद्या के रसिक रहे थे शिवशंकर व्यास !!
उनकी पध्धति जन्म पत्रिका नोंध की पद्धति देखे ।
आज भी देव ज्योतिषालय deojyotishalaya.com की सेवा चल रही है । 
आज जोशी धारा  संजयकुमार वास्तुशास्त्री प्रखर है ।जो राजेंद्रप्रसाद शिवशंकर व्यास की पुत्री है ।एवं राकेश राजेंद्रप्रसाद व्यास deo gems lab and jewellery  का काम कर रहे है

વડોદરા માં શામળ બેચર ની પોળ માં લાંબો સમય દેવ
 જ્યોતિશાલય  ની ઓફિસ રહેલી


ધીરે ધીરે ક્રમશ નામના વધતી ચાલી
આજે  1949 થઈ ભુતાડીઝામ્પા,શામળ બેચર પોળ,બરાનપુરા,હરની રોડ,સમાં સાવલી રોડ અને આજે

આજે અલકાપુરી ગેંડા સર્કલ પાસે જ્યોતિષ આધ્યાતમ વાસ્તુ મેડિટેશન સેવા છે




शनिवार, 27 दिसंबर 2014

शिवशंकर व्यास का हस्त

अपनी विद्वत्ता शांत स्थिर दिरगदृष्टा वृत्ति उनकी  देती है
शिवशंकर व्यास का हस्त

शनिवार, 20 दिसंबर 2014

राम रूठता है कब !!

कविता में बहोत कुछ कह देते थे ! राम रूठता है कब !!

शुक्रवार, 21 नवंबर 2014

सब कर्मकांड में

कठिन कर्मकांड के प्रश्नो में शिवशंकर ने समाधान निकाले  है !

यह उनकी खूबी थी वो खुद पूजा में खो जाते  थे 
उनकी विशिष्टता यह रही अपने सभी कुटुम्बी जनो   को समाविष्ट करते रहते थे।  इसीमे सब कर्मकांड में शिखते भी गए।  



मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014

परमात्मा में विश्वास !!

परमात्मा में विश्वास !!
हम उसीके है वो अपने है यह निरंतर विश्वास अङ्ग रहे यह ही मेरी इच्छा है !!
यही तो शब्द है शिवशंकर के !!

कई लिविंग सेल्स इकठ्ठे होते है तो जो इसका समूह एक बॉडी बन जाता है !! परमात्मा का अंश  या तो कहे जैसे सूरज एक किरण  वैसा आत्मा  जो यह देह को जीवित दिखलाता है !! यही देह द्वारा इंसान पुरे जीवन कुछः न कुछ करता रहता है !! यही तो अवतार है जैसे आप !!